- शिवसेना ने विधायकों से अपने क्षेत्र में जाने को कहा
- गृह मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को बताया कोरी राजनीति
महाराष्ट्र में सियासी घमासान थम नहीं रहा है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है. हालांकि सरकार बनाने को लेकर पार्टियों में बैठक का दौर जारी है. बुधवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लेकर एनसीपी और कांग्रेस के बीच देर रात तक बैठक हुई. वहीं, शिवसेना ने अपने विधायकों से रिजॉर्ट छोड़ने के लिए कह दिया है. उसके कई विधायक रात में रिजॉर्ट से निकल गए. इससे पहले महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल के बीच गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति शासन पर विपक्ष की प्रतिक्रिया सिर्फ कोरी राजनीति है.
रिजॉर्ट से निकले शिवसेना विधायक
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने के लिए कहा है. ऐसे में अब विधायक रिजॉर्ट छोड़ने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि कुछ विधायक रिजॉर्ट से निकल गए हैं. वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और अहमद पटेल के बीच मीटिंग और वादे को लेकर गलत अफवाह फैलाई जा रही है. मैं साफ कर देना चाहता हूं कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई. हमारी बातचीत कांग्रेस और एनसीपी के साथ चल रही है.
देर रात तक जारी रही बैठक
न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लेकर मुंबई में एनसीपी और कांग्रेस के बीच देर रात बैठक जारी रही. गौरतलब है कि कांग्रेस व शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बुधवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को अंतिम रूप देने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया, जिससे महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ गठबंधन पर चर्चा की जा सके.
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